आज भी हरा है 2003 World Cup का जख्म, जब 17 साल पहले भारत हारा था फाइनल


आज भी हरा है 2003 World Cup का जख्म, जब 17 साल पहले भारत हारा था फाइनल

17 साल पहले आज ही के दिन टीम इंडिया जोहानिसबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड

कप फाइनल में उतरी थी। उस टूर्नमेंट में चैंपियन की तरह खेली टीम इंडिया भले वह

खिताब हार गई | लेकिन उनसे यहां चैंपियन बनने का पाठ जरूर सीखा था, जो आज भी

उसकी रगों में दौड़ता दिखता है।

world cup 2003

आज से ठीक 17 साल पहले भारतीय क्रिकेट फैंस का एक खूबसूरत ख्वाब चकनाचूर हो

गया था| इस दिन वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 125 रन से मात दी थी |

देशवासी इस बुरी याद को हमेशा के लिए भूल जाना चाहते हैं, लेकिन जब जब वर्ल्ड कप

जिक्र आता है, ये पुराना जख्म फिर से हरा हो जाता है|

भारत ट्रॉफी से महज एक कदम दूर था | लेकिन इस कंगारुओं ने दूरी को भारत की पहुंच

से बाहर कर दिया | दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग (Johannesburg) का वो वांडरर्स

मैदान जो क्रिकेट इतिहास के इस पल का गवाह बना था | उस दिन कंगारुओं ने रिकॉर्ड

तीसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था |अपनी बादशाहत बरकरार रखी थी |

अगर आज ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के सोशल मीडिया पेज फेसबुक और टि्वटर को देखें

तो आज ही के दिन (23 मार्च) वे 2003 में मिली वर्ल्ड कप जीत का जश्न मना रहे हैं।

कंगारू टीम का यह जश्न भारत को आज भी एक टीस देता है क्योंकि फाइनल में टीम

इंडिया को हराकर ही उसने यह वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया था। पांच बार वनडे

वर्ल्ड कप चैंपियन का खिताब अपने नाम कर चुकी ऑस्ट्रेलिया की यह तीसरी वर्ल्ड कप

जीत थी।

इतिहास में आज: ICC वर्ल्ड कप हारने की कसक जो अब भी भारतीय फैंस के मन में बाकी है

क्रिकेट के इस उत्सव में कुल 14 टीमों शामिल हुईं थीं इन टीमों को 2 पूलों में बांटा गया था. पूल ‘ए’ में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, जिम्बाब्वे, पाकिस्तान, नीदरलैंड और नामीबिया की टीम थी, वहीं पूल ‘बी’ में न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, केन्या और बांग्लादेश की टीम शामिल थीं. पूल मैचों में कड़े मुकाबले के बाद दोनों पूल की टॉप Three टीम ने ‘सुपर 6’ में जगह बनाई.  इन टीमों में श्रीलंका, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, भारत, केन्या और जिंबाब्वे की टीमें शामिल थीं. सुपर 6 राउंड में हर टीम ने 3-Three मैच खेले, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया, भारत, केन्या और श्रीलंका ने सेमीफाइनल में जगह बनाई. फिर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया.

Twitter महेंद्र सिंह धोनी

सौरव गांगुली

उस वक्त के भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को आज भी 2003 के वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार की कसक बाकी है. वो उस फाइनल को आज भी याद करते हैं |

सौरव ने अपनी आत्‍मकथा ए सेंचुरी इज नॉट इनफ (‘A Century is Not Sufficient’) में लिखा था कि, ” ‘काश, धोनी वर्ल्‍ड कप 2003 की मेरी टीम में होते |

लेकिन जब हम वो वर्ल्ड कप खेल रहे थे उस वक्त महेंद्र सिंह धोनी भारतीय रेलवे में टिकट कलेक्‍टर (टीसी) थे |

9 फरवरी से 23 मार्च के बीच खेले गए आठवें विश्व कप का आयोजन पहली बार अफ्रीकी धरती (दक्षिण अफ्रीका/केन्या/जिंबाब्वे) पर किया गया था।

केन्या सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली गैर टेस्ट दर्जा प्राप्त टीम बनी थी। पहली बार इस वैश्विक टूर्नामेंट में रिकॉर्ड 14 टीमों ने भाग लिया था।

23 मार्च यानी आज ही के दिन ठीक 17 साल पहले उस विश्व कप का फाइनल खेला गया। वॉन्डर्स के मैदान पर समूचे हिंदुस्तान को वंडर की उम्मीद थी |

लेकिन वो होते-होते रह गया। खिताब की दहलीज पर पहुंची भारतीय टीम को फाइनल में

ऑस्ट्रेलिया के हाथों 125 रन की शर्मनाक हार मिली। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लगातार दूसरी

और कुल तीसरी बार चैंपियन बनी।

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